Wednesday, December 31, 2008
साल का आख़िरी दिन
आज मैं मेरी दोसत के घर में हूँ कयोंकि उसका घर मेरे घर से गरम है, और आज एक काफ़ी ठंड दिन है! बाहर बार्फ़ पड़ रहता है। मैं दुकान जाना चाहता था, लेकिन अभी सिर्फ़ इस मकान में रहना चाहता हूँ। मेरी दोसत का घर बहुत सुन्दर है। वह बहुत आरामदेह भी है। मेरी दोसत दुसरे देश में काम कर रहती है। अभी मुझे भूख लगता हूँ, तो कुछ काना बनाऊँगा।
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