Thursday, January 22, 2009

बाघ मेरे कमरे में

सुबह से या शाम? मैं जागता हूँ और मैं अभी भी ज़्यादा सोना चाहता हूँ। मैं कुछ सुनता हूँ, मेरे पलंग के पास है। मैं बायें देखता हूँ और एक बंगाली बाघ देखता हूँ। वह मुझे देख रहा है; लगता है कि वह मेरा इंतज़ार कर रहा था। वह बोलने लगता है, "आप अचछी तरह सोए?" मैं नहीं जानता हूँ कि क्या कहूँ। पल के बाद मैं जवाब देता हूँ, "मैं सोचता हूँ कि मेरे पास एक सपना था। वह इस लड़की के बारे में था। वह मेरी गर्ल-फ़रेंद थी।" मैं क्यों इस बड़ी बिल्ली से बात कर रहा हूँ? बड़ी बिल्ली थोड़ी सोचती है, तब वह मुझसे पूछती है, "आप इस लड़की को दुबारा देखेंगे?" "मालूम नहीं। वह चाहती है कि हम अब सिर्फ़ दोसत हों। लेकिन..." बाघ मेरी आँखें देख रहा है और कहता है, "क्या इस लड़की के साथ होना और उसके साथ बोलने आपको उदास करता है?" वह समझता है कि मेरी ख़ामोशी जवाब है। "आप उसके बारे में बहुत सोचते होंगे," वह कहता है। मैं कुछ इस समय भी जवाब नहीं देता हूँ। अंत में मैं कहता हूँ, "मालूम नहीं कि मैं आज क्या कर रहा हूँगा।" बंगाली बाघ मुझे फसफसाता है, "यथार्थ में जागना और काल्पनिक बाघ न बोलना, या मरे हुए संबंध के बारे में न सोचना!" तब वह ग़ायब हो जाता है।

Sunday, January 4, 2009

एक हिन्दुस्तानी फ़िलम

मुझने कल एक फ़िलम देखी। उसका नाम "Slumdog Millionaire" है। फ़िलम एक लड़के के बारे में। वह मुंबई की बस्ती रहता है, लेकिन टी॰वी॰ हो पाता है। फ़िलम उसकी ज़िन्दगी वर्णन करती है, बचपन से उसकी टी॰वी॰ की ज़िन्दगी तक। टी॰वी॰ के शोव का नाम "कौन बनेगा करोड़पति" है। वह करोड़पति रुपये जीतने-वाला है। एक कहानी पयार और आशा के बारे में है। और संगीत बहुत अचछा है!