Sunday, February 22, 2009
एक दिन न्यू योर्क में
मैं शनिवार न्यू योर्क गया , सिर्फ़ एक दिन के लिए । मेरी न्यू-योर्क-वाली ट्रेन न्यू हेवन चली दस बजने में तीन मिनट पर । वह सारी गंव में रुककर "हार्लम" पहूँची ग्यारह बजकर सत्रह मिनट पर । मैं इस पड़ोस में एक घंटे घूमा । इस पड़ोस के लोग स्पानी बोलते हैं , और मैं उसे समझ सका । मैं कुछ मैक्सिकन खाना खाकर एक ख़ाली बाज़ार देखकर सब्वेइ में एक बजे चढा । नमबर छह ट्रेन बारह मिनट बाद "ऐस्टर प्लेस" पहूँची । यह पड़ोस मुझे बहुत पसंद है । जब मैं न्यू योर्क में रहा , तब मैं उसके बहुत-से दिलचस्प रेस्तराओं में खाता था । उसकी दुकानें और लोग बहुत दिलचस्प भी हैं । मैं ट्रेन से निकलकर इस पड़ोस की सड़कों में पैदल चला । मैं मशहूर "हाउस्टन" सड़क को पार करके एक कैफ़े में रुका क्योंकी बहुत ठंड था । मुझे गरम चाय चाहिए थी । मैं वहाँ से छह बजे चलकर अपने पिताजी से सवा सात बजे चीनी पड़ोस में मिला । हमने बहुत बात की । मैं उससे नमस्कर कहकर ट्रेन से "ग्रेंड सेंट्रल" की तरफ़ गया । मैं टैंगो नहीं नाच पाया क्योंकि मैं उस समय तक थक जा चुका । मैं न्यू-हेवन-वाली ट्रेन में चढा नौ बजने में दस मिनट पर , और ट्रेन ने अपने दरवाज़े बंद किए नौ बजकर सात मिनट पर ।
Monday, February 16, 2009
खाना
पिछले सप्ताह मैंने बहुत-सारा खाना बनाए । मैंने कुछ मुर्गी की जांघें नींबू की चटनी में पकाईं । मुर्गी और नींबू साथ-साथ बहुत लज़ीज़ हैं । लेकिन मेरी मिठाइयाँ ज़्यादा लज़ीज़ हैं । मैंने बुधवार की टैंगो-क्लासों के लिए "मेरैंग" बनाए । "मेरैंग" बहुत हलकी मिठाइयाँ हैं । मेरे पास बहुत-सी सफेदी थी (मैंने पिछले रविवार केक के लिए बहुत अण्डपीत इसतेमाल किए) , तो मैंने यह इस ख़ास पुर्तगाली मिठाइयों के लिए इसतेमल किया । सब लोगों को ये चाहिए थे । और वैलेन्टाइन के दिन के लिए मैंने चार चाकलेट के "सूफ़्ले" बनाए । मेरा पहला प्रयास था । और मैंने "सूफ़्ले" कभी नहीं खाया था । मेरी सब दोस्तों को ये बहुत पसंद थे । ज़्यादा चाकलेट वैलेन्टाइन के दिन के लिए ! मैंने दो या तीन दर्जन चाकलेट की छोटे बिस्कुट बनाए । मैं बहुत मिठाइयाँ नहीं खाता हूँ , लेकिन मुझे ये बनाना बहुत पसंद है । मैं कालेज में जीव-रसायन पढ़ा , और मिठाइयाँ बनाना और जीव-रसायन दोनों काफ़ी समान हैं । इसके अलाबा मेरे दोसतों के साथ बाँटकर खाना मुझे पसंद है !
Wednesday, February 11, 2009
यहाँ नहीं
मैं दोस्तों के साथ शनिवार न्यु यार्क टैंगो नाचने गया। हम एक दुसरी दोस्त से मिले, और उसने हमको भयानक ख़बर बतायी । एक लड़की, टैंगो की नर्तकी भी है, शुक्रवार रात को मर गई । एक चालक ने उसको मार दिया ; चालक पिया हुआ था । मैं स्तबध था ; सिर्फ़ एक घंटा पहले मैं उसके बारे में सोच रहा था क्योंकि मैंने उसके साथ नाचना चाहा । मैंने हमारे पिछले नाच की याद की, उसकी मुस्कराहट, उसकी आवाज़, और उसका अस्तित्व । लेकिन अब वह हमेशा के लिए चला गई है , उसने हमको छोड़ा है । वह बहुत जवान है, सिर्फ़ २३ साल की है । वह इस हफ़्ते नया काम शुरू करनेवाली थी । मैं उसके बोइ-फ़रेंद को भी जानता हूँ ; वह उस दुर्घटना में तो था , और वह अस्पताल में है क्योंकि उसकी टाँग घायल है । अब तक किसीने उसको भयानक ख़बर बतायी होगी । वह ज़िनदा है , लेकिन लड़की के बिना ।
Monday, February 2, 2009
बे लोग क्या चाहिए?
कभी कभी लगता है कि सब लोगों को मुझसे कुछ चाहिए। मेरा मालिक चाहता है कि मैं मेरा अंतिम तिथि के पहले काम ख़त्म करूँ। वह यह भी चाहता है कि सब मातहत उसकी नीरस मीटिंगों में उपस्थित हों। और मेरी माता? उसकी सूची लंबी है! एक बड़ी चीज़: वह चाहती है कि मैं एक औरत से मिलूँ और उससे शादी करूँ। मालूम नहीं कि माताओं को क्यों चीन्ता करने की ज़रूरत है! मेरी ईसाई बहिन चाहती है कि मैं उसके ईसाई देवता के बारे में सोचूँ। ज़रूर मेरी अध्यापिकाएँ चाहती हैं कि मैं सब अपने गृहकार्य करूँ। लेकिन मैं क्या करना चाहता हूँ? मैं अपने दोस्तों के साथ समय बिताना चाहता हूँ। मैं अपने छोटे भाँजे से मिलना चाहता हूँ; वह मुझसे बहुत दूर रहता है। लेकिन सबसे ज़रूरी बात है कि मैं ज़्यादा समय अकेला होना चाहता हूँ। मेरे दिल में बहुत-सा शोर है, और मुझे कुछ शान्ति की ज़रूरत है।
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