Monday, October 5, 2009

मेरी नानीजी

कुछ बार हर साल हम अपनी नानीजी से मिलते हैं । मुझे मालुम नहीं वे कितने साल की है , लेकिन ज़रूरी ज़्यादा सत्तर साल से । जभी हम उनके यहाँ जाते हैं मेरा मामा उनके लिए बहुत खाने चाइनातान से खरीदता है । असल में वह हर महीने यह तरह के खाने अपनी माताजी को लाया करता है । जब मैं अपनी नानीजी के यहाँ हूँ मैं उनके साथ बहुत बातें नहीं करता हूँ । वे मुशकिल से सुनती हैं । लेकिन असली वजह है कि मैं इस महिला को नहीं जानता हूँ । उन्होंने हम लोगों का मदद कीं इस देश उत्प्रवास करने , बिजा उनके मदद के, मेरा परिवार और मेरा मामा और उसका परिवार हम इस देश जी नहीं सकते हैं । लेकिन वे कौन हैं ? उनका जीवन कैसे य़ा ? पहलेवाला और अभीवाला । मुझे मालूम सिर्फ़ थोरा-सा है । कहा जाता है कि उनका ज़्यादातर जवन में वे एक अमीर परिवार के लिए काम कर रही थीं । यह परिवार पहले हांगकांग में था (या ताइवान?) फिर लंदन और अंत में इस देश में । वे हमेशा इस अमीर परीवार के लिए घर का काम किया करती थीं , खाना बनाना, साफ़ करना , और जब परीवार में बेटे थे उनके पास बहुत ज़्यादा काम हुअ करती थीं । अमीर परिवार के लोग बहुत अच्छे हैं । पिताजी ने भी हमारा आप्रवासन मदद किया । वे मेरी नानीजी को हमेशा एक परिवार का सदस्या मानते हैं । जब हम अभी भी अपने पहले देश में रह रहे थे , जो एक बहुत ग़रीब देश ता , मेरी नानीजी पैसा बचाती रहीं ताकि वे हमें सब पैसा भेज सकीं । आजकल उन्हें किसका मदद करना नहीं है । जैसे वे अपनी परीवार के साथ नहीं रहीं वैसे वे अभी केला रहतीं हैं , लेकिन जभी मैं उन्हें देखता हूँ वे उदास नहीं लग रहीं हैं । हर दिन वे अपने घर के बहर आधे घंटे सैर किया करतीं हैं । और मेरी माता ने मुझे कहा कि अब नानीजी किताबें पढ़ने लगीं । वे कभी प्राइमरी स्कूल ख़त्म नहीं कर पाईं , ये महिला कैसे किताबें पढ़ सकतीं हैं ? लेकिन ये औरत बहुत-सी ज़्यादा मुशकिल चीज़ें पूरा कर चुकीं हैं !

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